भारत में जीवन प्रत्याशा और जीवन बीमा पर इसका प्रभाव
बुधवार 07 जन 2026

भारत में जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) यह दर्शाती है कि वर्तमान मृत्यु दर के अनुसार एक व्यक्ति औसतन कितने साल तक जीवित रह सकता है। 2025 में, भारत में औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 70 वर्ष थी, महिला जीवन प्रत्याशा 72 वर्ष और पुरुष जीवन प्रत्याशा 68 वर्ष।
अपनी परिवार की सुरक्षा के लिए जीवन बीमा (Life Insurance) योजना बनाते समय जीवन प्रत्याशा को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। भारत में जीवन बीमा तुलना करें और सबसे उपयुक्त योजना चुनें।
जीवन प्रत्याशा क्या है और जीवन बीमा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है
जीवन प्रत्याशा यह अनुमान है कि एक व्यक्ति वर्तमान मृत्यु दर के आधार पर औसतन कितने साल जीवित रहेगा। यह व्यक्तिगत जीवन की भविष्यवाणी नहीं करती, लेकिन बीमा कंपनियों को बीमा प्रीमियम और जोखिम निर्धारित करने में मदद करती है।
2025 के अनुसार भारत में:
- राष्ट्रीय औसत: 70 वर्ष
- महिलाएँ: 72 वर्ष
- पुरुष: 68 वर्ष
जीवन बीमा के लिए महत्वपूर्ण कारक:
- बीमाधारक की आयु और लिंग
- स्वास्थ्य और जीवनशैली के आदतें
- भारत में जनसंख्या और औसत जीवन प्रत्याशा के रुझान
जीवन प्रत्याशा का जीवन बीमा प्रीमियम पर प्रभाव
बीमा कंपनियां जीवन प्रत्याशा का उपयोग यह आंकलन करने के लिए करती हैं कि किसी व्यक्ति के मृत्यु होने की संभावना कितनी है और उसके अनुसार प्रीमियम तय करती हैं।
प्रीमियम पर प्रभाव:
- लंबी जीवन प्रत्याशा से जोखिम अवधि बढ़ सकती है, जिससे प्रीमियम में समायोजन हो सकता है।
- युवा और स्वस्थ लोग आमतौर पर कम प्रीमियम का भुगतान करते हैं, जबकि बुजुर्ग या स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोग अधिक भुगतान करते हैं।
उदाहरण:
- 40 वर्ष का स्वस्थ व्यक्ति 60 वर्ष के स्वास्थ्य समस्याओं वाले व्यक्ति की तुलना में कम प्रीमियम देगा।
लिंग और क्षेत्र के अनुसार जीवन प्रत्याशा में अंतर और जीवन बीमा पर प्रभाव
महिलाओं की जीवन प्रत्याशा आम तौर पर पुरुषों से अधिक होती है, जो अक्टुरियल कैलकुलेशन में बीमा प्रीमियम को प्रभावित करता है।
भारत में राज्यों के अनुसार जीवन प्रत्याशा (2025 अनुमान):
| राज्य/संघ क्षेत्र | कुल | पुरुष | महिला |
|---|---|---|---|
| केरल | 75 | 73 | 77 |
| महाराष्ट्र | 71 | 69 | 73 |
| तमिलनाडु | 72 | 70 | 74 |
| पश्चिम बंगाल | 70 | 68 | 72 |
| उत्तर प्रदेश | 68 | 66 | 70 |
जीवन बीमा के लिए प्रमुख बिंदु:
- बीमा कंपनियां लिंग और राज्य के आधार पर प्रीमियम और कवरेज समायोजित करती हैं।
- जीवनशैली और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच से प्रीमियम प्रभावित होता है।
जीवन प्रत्याशा के आधार पर बीमा राशि और अवधि का समायोजन
जीवन प्रत्याशा तय करती है कि जीवन बीमा का समय और कवरेज कितना होना चाहिए।
| बीमा का प्रकार | सामान्य अवधि | अनुशंसाएँ |
|---|---|---|
| अस्थायी (Term) | 10–30 वर्ष | बच्चों की स्वतंत्रता तक या विशिष्ट अवधि के लिए सुरक्षा |
| संपूर्ण जीवन (Whole Life) | मृत्यु तक | जीवन भर कवरेज, परिवार और वारिसों की सुरक्षा के लिए |
| मिश्रित/बचत (Endowment) | सेवानिवृत्ति तक | सुरक्षा और लंबी अवधि में पूंजी संचय का संयोजन |
सुझाव:
- सुनिश्चित करें कि बीमा राशि आपकी जीवन प्रत्याशा के अनुसार पर्याप्त है।
- यदि अस्थायी बीमा पर्याप्त न लगे, तो पूर्ण जीवन बीमा लेने पर विचार करें।
अपनी आयु और स्थिति के अनुसार सबसे उपयुक्त योजना चुनने के लिए भारत में जीवन बीमा तुलना करें और सही विकल्प चुनें।