क्या होम इंश्योरेंस क्लेम की राशि लेकर मरम्मत न कराना संभव है?

बुधवार 25 फ़र 2026

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भारत में, अधिकांश स्थितियों में पॉलिसीधारक को बीमा कंपनी से मुआवज़ा राशि मिल सकती है, भले ही वह तुरंत मरम्मत न कराए। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में नियम अलग हो सकते हैं — जैसे होम लोन, गंभीर संरचनात्मक क्षति, या पॉलिसी में मरम्मत अनिवार्यता की शर्त।

लेख पढ़ने से पहले, बेहतर निर्णय के लिए होम इंश्योरेंस प्लान की तुलना करें और जानें कि किस पॉलिसी में भुगतान की शर्तें आपके लिए अधिक अनुकूल हैं।

मुआवज़ा लेकर मरम्मत न करने का क्या अर्थ है?

जब आपके घर में आग, बाढ़, शॉर्ट सर्किट या प्राकृतिक आपदा जैसी घटना से नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी आमतौर पर दो विकल्प देती है:

  • अपने अधिकृत ठेकेदार से सीधे मरम्मत करवाना
  • अनुमानित क्षति के अनुसार नकद भुगतान करना

यदि आपको नकद भुगतान मिलता है, तो सामान्यतः आप पर तुरंत मरम्मत कराने की बाध्यता नहीं होती, जब तक कि पॉलिसी में स्पष्ट रूप से ऐसा न लिखा हो।

किन परिस्थितियों में राशि लेकर मरम्मत न करना संभव है?

स्थिति क्या आप राशि ले सकते हैं बिना मरम्मत के? कारण
पेंट या प्लास्टर का हल्का नुकसान हाँ संरचना सुरक्षित रहती है
पुराने उपकरण (जैसे फ्रिज, AC) हाँ वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार भुगतान
छोटी मरम्मत लागत हाँ कंपनी भुगतान कर फाइल बंद कर सकती है
गंभीर संरचनात्मक दरार कभी-कभी नहीं सुरक्षा जोखिम
होम लोन (SBI, HDFC आदि) निर्भर करता है बैंक की अनुमति आवश्यक हो सकती है
पॉलिसी में मरम्मत अनिवार्य शर्त नहीं अनुबंध के अनुसार बाध्यता

भारतीय कानून और पॉलिसी शर्तें क्या कहती हैं?

भारत में बीमा अनुबंध भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के नियमों के अंतर्गत आते हैं।

  • बीमा कंपनी मरम्मत या नकद भुगतान — दोनों में से किसी एक का विकल्प चुन सकती है।
  • यदि पॉलिसी में स्पष्ट रोक नहीं है, तो नकद भुगतान मरम्मत का विकल्प हो सकता है।
  • अंतिम निर्णय पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है।

यदि घर पर होम लोन है तो क्या होगा?

अगर आपका घर बैंक ऋण (जैसे SBI, HDFC, ICICI) से वित्तपोषित है:

  • मुआवज़ा सीधे बैंक खाते में जा सकता है
  • बैंक मरम्मत प्रमाण मांग सकता है
  • ऋण अनुबंध की शर्तें प्राथमिकता रखती हैं

मुआवज़ा लेने के बाद मरम्मत न करने के संभावित प्रभाव

हालांकि तुरंत भुगतान मिल सकता है, लेकिन:

  • भविष्य में उसी समस्या से संबंधित क्लेम अस्वीकृत हो सकता है
  • प्रीमियम बढ़ सकता है
  • संपत्ति का मूल्य घट सकता है

फायदे और जोखिम

फायदे

  • तुरंत नकदी उपलब्ध
  • अपनी पसंद से ठेकेदार चुनने की स्वतंत्रता
  • कम लागत में मरम्मत की संभावना

जोखिम

  • नुकसान बढ़ सकता है
  • भविष्य के दावों पर प्रभाव
  • संपत्ति की संरचनात्मक कमजोरी

निष्कर्ष

भारत में सामान्यतः आप होम इंश्योरेंस क्लेम की राशि प्राप्त कर सकते हैं बिना तुरंत मरम्मत कराए। लेकिन यदि घर पर होम लोन है, गंभीर संरचनात्मक नुकसान है, या पॉलिसी में विशेष शर्त है, तो मरम्मत आवश्यक हो सकती है।

अंतिम निर्णय लेने से पहले, समझदारी यही है कि आप भारत में होम इंश्योरेंस विकल्पों की तुलना करें और जानें कि किस पॉलिसी में आपको अधिक लचीलापन मिलता है।