होम लोन की पुनर्भुगतान अवधि कैसे चुनें?
गुरुवार 31 जुल 2025

घर खरीदना जीवन के सबसे बड़े वित्तीय निर्णयों में से एक होता है। जब आप होम लोन लेते हैं, तो ब्याज दर, ईएमआई और कुल लोन राशि के साथ-साथ एक और महत्वपूर्ण तत्व होता है—पुनर्भुगतान अवधि (Repayment Tenure)। यही तय करता है कि आप कितने सालों तक लोन चुकाएंगे, आपकी मासिक किस्तें कितनी होंगी और कुल ब्याज कितना देना होगा। सही पुनर्भुगतान अवधि चुनना केवल EMI मैनेजमेंट का मामला नहीं है, बल्कि यह आपकी पूरी वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करता है। यदि आप इस समय लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो के कंपेरेटर टूल की मदद से विभिन्न बैंकों की पुनर्भुगतान शर्तें तुलना करें और अपने लिए सर्वोत्तम विकल्प चुनें।
पुनर्भुगतान अवधि क्या होती है?
पुनर्भुगतान अवधि वह समयावधि है जिसके भीतर आप बैंक या वित्तीय संस्था को पूरा लोन, ब्याज सहित, चुका देते हैं। यह अवधि आमतौर पर 5 से 30 वर्षों तक की हो सकती है, और इसे आपकी आयु, आय स्रोत, क्रेडिट स्कोर, और लोन राशि के अनुसार तय किया जाता है।
छोटी पुनर्भुगतान अवधि: लाभ और सीमाएँ
यदि आप 5 से 10 साल की अवधि चुनते हैं, तो आपकी मासिक किस्तें अधिक होंगी लेकिन कुल ब्याज कम देना पड़ेगा।
लाभ:
- कम ब्याज भुगतान
- जल्दी ऋण-मुक्ति
- मानसिक और वित्तीय राहत जल्दी
सीमाएँ:
- ईएमआई का बोझ अधिक
- मासिक बजट पर दबाव
- अचानक खर्चों की स्थिति में परेशानी
लंबी पुनर्भुगतान अवधि: कब चुनें?
यदि आपकी मासिक आय सीमित है या आप ईएमआई को कम रखना चाहते हैं, तो 20 से 30 वर्षों की अवधि उपयुक्त हो सकती है।
लाभ:
- कम मासिक ईएमआई
- अन्य खर्चों और निवेश के लिए जगह
- लोन पात्रता बढ़ सकती है
सीमाएँ:
- कुल ब्याज भुगतान बहुत अधिक
- ऋण से लंबी अवधि तक जुड़ाव
- संपत्ति की लागत काफी बढ़ सकती है
आपकी उम्र के अनुसार अवधि कैसे तय करें?
बैंक आमतौर पर लोन तभी तक देते हैं जब तक कि उधारकर्ता की सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी नहीं हो जाती (आमतौर पर 60-65 वर्ष)। यदि आपकी उम्र 30 वर्ष है, तो आप 25-30 साल की अवधि ले सकते हैं। लेकिन अगर आपकी उम्र 50 के पास है, तो बैंक 10-15 साल की ही अवधि देंगे।
EMI कैलकुलेटर का उपयोग करें
पुनर्भुगतान अवधि तय करने से पहले EMI कैलकुलेटर की मदद से यह समझना जरूरी है कि किस अवधि में आपकी मासिक किस्त कितनी होगी और कुल ब्याज कितना देना पड़ेगा। आप Bandhak के EMI टूल का उपयोग करके अलग-अलग पुनर्भुगतान विकल्पों का तुलनात्मक विश्लेषण कर सकते हैं।
फिक्स्ड बनाम फ्लोटिंग दर और अवधि
अगर आपने फ्लोटिंग ब्याज दर पर लोन लिया है, तो ब्याज दर में बदलाव के साथ आपकी EMI या अवधि बदल सकती है। कई बैंक इस स्थिति में अवधि बढ़ाकर EMI स्थिर रखते हैं। इसीलिए यदि आप स्थिर योजना चाहते हैं तो फिक्स्ड रेट और निश्चित अवधि अधिक उपयुक्त हो सकती है।
पुनर्भुगतान अवधि बदलना संभव है क्या?
हां। लोन के दौरान आप अपनी पुनर्भुगतान अवधि को घटा या बढ़ा सकते हैं, लेकिन इसके लिए बैंक की अनुमति और अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। अगर आपकी आय बढ़ गई है, तो आप अवधि घटाकर ब्याज में बचत कर सकते हैं।
निष्कर्ष: संतुलन बनाना है जरूरी
होम लोन की अवधि न तो बहुत लंबी होनी चाहिए और न ही इतनी छोटी कि आपकी मासिक वित्तीय स्थिति बिगड़ जाए। सही अवधि चुनने के लिए अपने मासिक बजट, आय के स्रोत, भविष्य की ज़रूरतों और ब्याज दरों को ध्यान में रखें। अंतिम निर्णय लेने से पहले के कंपेरेटर टूल से विभिन्न विकल्पों की तुलना ज़रूर करें।