होम लोन के टैक्स लाभ क्या हैं?
गुरुवार 31 जुल 2025

घर खरीदना सिर्फ एक भावनात्मक निर्णय नहीं होता, बल्कि एक लंबी अवधि की वित्तीय योजना का हिस्सा होता है। जब आप होम लोन लेते हैं, तो केवल मासिक किस्तें ही नहीं चुकाते—बल्कि आप आयकर में भी कई प्रकार की छूट प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि किन धाराओं के तहत आपको छूट मिलती है और कैसे आप अपनी टैक्स लायबिलिटी को कम कर सकते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। साथ ही, अगर आप होम लोन लेने की सोच रहे हैं, तो के कंपेरेटर टूल की मदद से विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना करें और सही निर्णय लें।
धारा 80C: मूलधन चुकौती पर टैक्स छूट
आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत, यदि आपने होम लोन का कुछ हिस्सा चुकाया है, तो उस मूलधन (principal) के भाग पर आप ₹1,50,000 तक की टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं। यह छूट उस वर्ष में दी जाती है जिसमें आप भुगतान करते हैं।
शर्तें:
- प्रॉपर्टी निर्माण पूर्ण होना चाहिए।
- संपत्ति को 5 वर्ष से पहले बेचना लाभ को रद्द कर सकता है।
- यह छूट स्कूल ट्यूशन फीस, PPF आदि के साथ सम्मिलित कुल ₹1.5 लाख तक सीमित है।
धारा 24(b): ब्याज भुगतान पर राहत
यदि आपने लोन स्वयं के उपयोग के मकान के लिए लिया है, तो आप ₹2,00,000 तक के ब्याज भाग पर टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं। अगर घर किराये पर है, तो यह सीमा हटा दी जाती है।
अन्य बातें:
- निर्माण की अवधि 5 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- होम लोन स्टेटमेंट आवश्यक है।
धारा 80EE: पहली बार खरीदारों को अतिरिक्त राहत
पहली बार घर खरीदने वालों के लिए यह धारा एक अतिरिक्त राहत देती है। यदि लोन 2016-17 में स्वीकृत हुआ है और कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो आप ₹50,000 तक की अतिरिक्त ब्याज छूट प्राप्त कर सकते हैं।
पात्रता:
- लोन ₹35 लाख से कम।
- प्रॉपर्टी ₹50 लाख से कम।
- पहली बार घर खरीद रहे हों।
धारा 80EEA: अफोर्डेबल हाउसिंग को बढ़ावा
यह धारा अफोर्डेबल घरों के लिए लागू होती है। अगर स्टांप ड्यूटी वैल्यू ₹45 लाख से कम है और लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच स्वीकृत हुआ है, तो आप ₹1.5 लाख की अतिरिक्त ब्याज छूट प्राप्त कर सकते हैं।
ध्यान दें:
- यह छूट 80EE के साथ क्लेम नहीं की जा सकती।
- पहली संपत्ति होनी चाहिए।
सह-आवेदकों के लिए लाभ दोगुना
यदि पति-पत्नी या दो व्यक्ति संयुक्त रूप से होम लोन लेते हैं, और दोनों भुगतान करते हैं, तो दोनों अलग-अलग टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। इस तरह कुल ₹3 लाख मूलधन और ₹4 लाख तक ब्याज पर लाभ संभव है।
टैक्स लाभ का दावा कैसे करें?
- संबंधित बैंक से होम लोन स्टेटमेंट प्राप्त करें।
- यह दस्तावेज दिखाता है कि आपने उस वित्तीय वर्ष में कितना ब्याज और मूलधन चुकाया।
- अपने फॉर्म 16 या आयकर रिटर्न में सही से विवरण भरें।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए आप ₹40 लाख का होम लोन लेते हैं और साल में ₹2.5 लाख ब्याज और ₹1.2 लाख मूलधन चुकाते हैं:
- ₹1.2 लाख → धारा 80C के तहत छूट
- ₹2 लाख → धारा 24(b) के तहत
- ₹50,000 → यदि पात्र हों तो 80EE के तहत अतिरिक्त छूट
इस तरह आप कुल ₹3.7 लाख की आय पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।
निष्कर्ष: छूट का पूरा लाभ उठाएं
यदि आप सही समय पर सही दस्तावेज और प्रावधानों के साथ टैक्स छूट का दावा करते हैं, तो होम लोन आपकी टैक्स योजना में एक अत्यंत प्रभावी उपकरण बन सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले ही सभी धाराओं को समझें, और का कंपेरेटर टूल इस्तेमाल करें ताकि आप सर्वोत्तम विकल्प का चुनाव कर सकें।