होम लोन कैसे काम करता है? चरण-दर-चरण प्रक्रिया
गुरुवार 24 जुल 2025

भारत में घर खरीदने के लिए सबसे लोकप्रिय और व्यावहारिक तरीका है होम लोन लेना। लेकिन बहुत से लोगों को इसकी सही प्रक्रिया नहीं पता होती, जिससे लोन लेने में समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो जाती है। अगर आप जल्द ही घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो होम लोन और कॉम्परेटर का उपयोग कर सबसे सस्ती ब्याज दर और बेहतर बैंक का चुनाव कर सकते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि होम लोन कैसे काम करता है और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है।
होम लोन का पूरा प्रोसेस कैसे चलता है?
होम लोन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे हम सात प्रमुख चरणों में समझ सकते हैं।
1. जरूरत का मूल्यांकन और प्रॉपर्टी का चुनाव
सबसे पहले यह तय करें कि आपको कितनी राशि की जरूरत है। इसके लिए आप अपनी मासिक आमदनी, खर्च, सेविंग्स और प्रॉपर्टी की कीमत का विश्लेषण करें। घर या फ्लैट का चुनाव करने के बाद ही बैंक में लोन के लिए आवेदन करना समझदारी होती है।
2. CIBIL स्कोर और योग्यता जांचें
बैंक किसी भी होम लोन आवेदन को मंजूरी देने से पहले CIBIL स्कोर और आपकी योग्यता की जांच करता है।
- अच्छा CIBIL स्कोर (750 या उससे अधिक) होने पर आपको कम ब्याज दर मिलती है।
- आपकी आयु, नौकरी की स्थिरता और वर्तमान लोन को भी देखा जाता है।
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके स्कोर और आय के हिसाब से सबसे अच्छा विकल्प कौन सा है, तो कॉम्परेटर की मदद लें।
3. होम लोन के लिए आवेदन
होम लोन के लिए आवेदन आप ऑनलाइन या बैंक शाखा में जाकर कर सकते हैं। आवेदन के समय आपको निम्नलिखित दस्तावेज देने होते हैं:
- पहचान पत्र (पैन कार्ड/आधार कार्ड)
- आय प्रमाण (सैलरी स्लिप/आईटी रिटर्न)
- बैंक स्टेटमेंट (पिछले 6 महीने का)
- प्रॉपर्टी के कागजात
4. लोन प्रोसेसिंग और दस्तावेज सत्यापन
बैंक आपके दस्तावेजों की गहन जांच करता है। इसमें आपकी आमदनी, नौकरी का प्रकार, बैंक ट्रांजैक्शन और प्रॉपर्टी के कानूनी दस्तावेजों की वैल्यूएशन की जाती है। कुछ बैंक फिजिकल वेरीफिकेशन के लिए प्रतिनिधि को आपके घर या ऑफिस भी भेजते हैं।
5. लोन अप्रूवल और सैंक्शन लेटर
अगर आपकी योग्यता सही पाई जाती है तो बैंक लोन अप्रूव करता है और आपको “सैंक्शन लेटर” देता है। इसमें आपको बताएंगे:
- स्वीकृत लोन राशि
- ब्याज दर (फिक्स या फ्लोटिंग)
- लोन अवधि
- EMI राशि
सैंक्शन लेटर मिलने के बाद आमतौर पर 6 महीने के अंदर लोन का वितरण (disbursement) कराना होता है।
6. प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन और लोन वितरण
प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और बैंक द्वारा अंतिम कानूनी जांच के बाद लोन की राशि सीधे प्रॉपर्टी विक्रेता (seller) या बिल्डर के खाते में भेजी जाती है। लोन वितरण के समय स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और बैंक की प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होता है।
7. EMI भुगतान और लोन चुकता करना
एक बार लोन वितरण हो जाने के बाद आपकी EMI शुरू हो जाती है। EMI भुगतान ECS (Electronic Clearing System) के माध्यम से हर महीने अपने आप आपके बैंक अकाउंट से कटता है। आप चाहें तो समय से पहले भी प्री-पेमेंट कर सकते हैं जिससे ब्याज की बचत होती है।
क्यों जरूरी है प्रक्रिया समझना?
अगर आप होम लोन की पूरी प्रक्रिया को समझते हैं तो:
- आप गलत दस्तावेज देने की गलती से बचेंगे।
- बेहतर डील पा सकेंगे।
- जल्दी अप्रूवल मिलने के चांस बढ़ेंगे।
इसलिए लोन लेने से पहले होम लोन के विभिन्न विकल्पों पर रिसर्च करें और कॉम्परेटर की मदद से सबसे सस्ते ब्याज दर की तुलना करें।
निष्कर्ष: सही जानकारी से आसान होम लोन प्रक्रिया
होम लोन लेने की प्रक्रिया जितनी आसान दिखती है उतनी जमीनी स्तर पर पेचीदा हो सकती है। इसलिए कदम-दर-कदम पूरी जानकारी रखें, अपने दस्तावेज तैयार रखें और बैंक की शर्तों को अच्छी तरह पढ़ें। सही जानकारी और अच्छे बैंक के चुनाव से आपका घर खरीदने का सपना जल्द पूरा होगा।