होम लोन और बंधक (मॉर्टगेज) में क्या अंतर है?

गुरुवार 24 जुल 2025

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घर खरीदते समय लोग अक्सर “होम लोन” और “बंधक (Mortgage)” शब्दों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन इन दोनों में महत्वपूर्ण अंतर होता है। अगर आप भारत में घर लेने की योजना बना रहे हैं तो सही जानकारी के साथ सबसे बेहतर विकल्प चुनना जरूरी है। इसके लिए आप होम लोन और कॉम्परेटर का उपयोग कर सकते हैं, जो बाजार में उपलब्ध सभी विकल्पों की तुलना करके आपके लिए सबसे सस्ती ब्याज दर ढूंढने में मदद करता है।

होम लोन क्या होता है?

होम लोन एक ऐसा ऋण है जो बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा दिया जाता है ताकि आप अपने सपनों का घर खरीद सकें। इसमें आप बैंक से लोन लेते हैं और उसे किश्तों (EMI) के जरिए एक तय अवधि में चुकाते हैं। आमतौर पर बैंक घर की कुल कीमत का 75-90% तक ऋण प्रदान करते हैं और शेष राशि खुद देनी होती है।

होम लोन की मुख्य विशेषताएँ:

  • केवल घर खरीदने या निर्माण के लिए मिलता है।
  • निश्चित ब्याज दर या फ्लोटिंग रेट पर उपलब्ध होता है।
  • भुगतान अवधि 10 से 30 साल के बीच होती है।
  • टैक्स बेनिफिट्स (धारा 80C और 24B के तहत) मिलते हैं।

बंधक (मॉर्टगेज) क्या होता है?

बंधक या मॉर्टगेज एक कानूनी समझौता है जिसमें उधारकर्ता (आप) बैंक या लेंडर को अपनी संपत्ति गिरवी रखते हैं। इसका मतलब है कि अगर आप होम लोन की किश्तें समय पर नहीं चुकाते हैं, तो बैंक को यह अधिकार होता है कि वह उस प्रॉपर्टी को बेचकर अपना बकाया पैसा वसूल कर सके।

बंधक की मुख्य विशेषताएँ:

  • यह एक लीगल सिक्योरिटी होती है।
  • मॉर्टगेज शब्द किसी भी प्रकार के ऋण (व्यापार लोन, शिक्षा लोन आदि) में भी प्रयोग हो सकता है यदि उसके बदले प्रॉपर्टी गिरवी रखी जाती है।
  • बंधक के चलते बैंक की सुरक्षा सुनिश्चित होती है कि उसका पैसा सुरक्षित है।

होम लोन और बंधक में अंतर

विषय होम लोन बंधक (Mortgage)
परिभाषा घर खरीदने के लिए लिया जाने वाला ऋण घर या संपत्ति को बैंक के पास गिरवी रखने की कानूनी प्रक्रिया
उद्देश्य केवल रेसिडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदना किसी भी प्रकार के लोन में संपत्ति के बदले गारंटी देना
सुरक्षा खुद की प्रॉपर्टी को बैंक के पास गिरवी रखकर लोन मिलता है गिरवी प्रक्रिया को ही बंधक कहा जाता है
अधिकार लोन की किश्तें चुकाने पर प्रॉपर्टी पर पूरा हक मिलता है भुगतान न करने पर बैंक प्रॉपर्टी कब्जे में ले सकता है

क्या होम लोन के लिए बंधक जरूरी है?

जी हां, भारत में जब आप होम लोन लेते हैं तो बैंक आपकी प्रॉपर्टी को बंधक रखता है। इसका अर्थ है कि लोन पूरा चुकता होने तक घर पर बैंक का कानूनी अधिकार होता है। लोन चुकाने के बाद बैंक “नो ड्यू सर्टिफिकेट” और “रिलीज डीड” जारी करता है जिससे बंधक समाप्त हो जाता है।

होम लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • CIBIL स्कोर: कम से कम 700 होना चाहिए, 750+ पर बेहतर ब्याज दर मिलती है।
  • ब्याज दर की तुलना करें: हर बैंक की दरें अलग होती हैं, इसलिए कॉम्परेटर से तुलना करें।
  • प्रोसेसिंग फीस और छुपे हुए चार्जेस जांचें।
  • EMI कैलकुलेशन करें: EMI को पहले से समझना जरूरी है ताकि मासिक बजट में कोई दिक्कत न हो।
  • फ्लोटिंग या फिक्स्ड रेट चुनें।

क्या आप बिना बंधक के होम लोन ले सकते हैं?

भारत में बगैर प्रॉपर्टी गिरवी रखे होम लोन नहीं दिया जाता। कुछ पर्सनल लोन स्कीमें ऐसी होती हैं जिनमें प्रॉपर्टी गिरवी नहीं होती, लेकिन वे होम लोन नहीं कहलाते। होम लोन में बैंक की सुरक्षा के लिए बंधक अनिवार्य होता है।

निष्कर्ष: सही चुनाव क्यों जरूरी है?

होम लोन एक प्रकार का ऋण है और बंधक एक कानूनी सुरक्षा प्रक्रिया है जो बैंक को लोन वापसी की गारंटी देती है। होम लोन लेते समय ब्याज दर, लोन अवधि, EMI और अन्य शर्तों का अच्छी तरह से विश्लेषण करें। सही बैंक और योजना का चुनाव करने के लिए होम लोन के विकल्प देखें और कॉम्परेटर से तुलना करें ताकि आप भविष्य में वित्तीय तनाव से बच सकें।

आपका घर खरीदने का सपना जल्दी पूरा हो ऐसी शुभकामनाएँ!